हिमाचल प्रदेश के मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने किशाऊ परियोजना को लेकर कहा है कि राज्य सरकार को इस परियोजना पर एक रुपया भी खर्च नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि परियोजना से हिमाचल प्रदेश को हर साल करीब 600 करोड़ रुपये की आय होगी।
हर्षवर्धन चौहान ने छह राज्यों के बीच किशाऊ परियोजना को लेकर समझौते पर हस्ताक्षर होने को स्वागत योग्य कदम बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश के हितों की प्रभावी तरीके से रक्षा की है। उनके मुताबिक, परियोजना के निर्माण और उससे जुड़े खर्च का बोझ हिमाचल प्रदेश पर नहीं पड़ेगा।
किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से जुड़ी महत्वपूर्ण जल परियोजनाओं में शामिल है। समझौते के तहत इससे संबंधित राज्यों के बीच पानी और बिजली के उपयोग तथा अन्य लाभों को लेकर व्यवस्था तय की गई है।
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चौहान ने कहा कि परियोजना से हिमाचल प्रदेश को आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है। राज्य को हर वर्ष लगभग 600 करोड़ रुपये की आय प्राप्त होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही हिमाचल के हितों को ध्यान में रखते हुए परियोजना में राज्य की हिस्सेदारी और अधिकारों की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने छह राज्यों के बीच समझौते को एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि इससे परियोजना को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ होगा। राज्य सरकार का कहना है कि परियोजना से जुड़े निर्णयों में हिमाचल प्रदेश के हितों को प्राथमिकता दी गई है।
किशाऊ परियोजना को लेकर हुए समझौते के बाद राज्य में इसके आर्थिक लाभ और वित्तीय जिम्मेदारियों पर चर्चा तेज हुई है। हर्षवर्धन चौहान ने स्पष्ट किया कि हिमाचल प्रदेश को परियोजना पर कोई प्रत्यक्ष वित्तीय खर्च नहीं करना होगा और इसके बदले राज्य को अनुमानित वार्षिक आय प्राप्त होगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रयासों से हिमाचल प्रदेश के हित सुरक्षित हुए हैं और समझौते से राज्य को दीर्घकालिक आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
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