सऊदी अरब पर मंगलवार को हूती विद्रोहियों के ताजा हमलों ने तनाव को और बढ़ा दिया। देश के दक्षिणी हिस्से में नागरिक और आर्थिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर किए गए हमलों में कई तेल प्रतिष्ठानों और उपयोगिता केंद्रों में आग लग गई। सऊदी अधिकारियों के अनुसार, हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित 73 लोग घायल हुए हैं।
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने बताया कि हमले अबहा, जाज़ान, नजरान और खमीस मुशैत में स्थित नागरिक और आर्थिक प्रतिष्ठानों पर किए गए। उन्होंने हमलों को सऊदी अरब की संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन और नागरिकों तथा निवासियों की सुरक्षा के लिए सीधा खतरा बताया।
हमलों के बाद दक्षिणी सऊदी अरब में कई तेल प्रतिष्ठानों और अन्य उपयोगिता केंद्रों में आग लग गई। हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक संपत्ति या तेल ढांचे को हुए नुकसान का विस्तृत आकलन जारी नहीं किया है। अल-मलिकी ने चेतावनी दी कि सऊदी नेतृत्व वाला गठबंधन हूती विद्रोहियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करेगा।
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हूती विद्रोहियों ने दिए और हमलों के संकेत
हूती विद्रोहियों ने हमलों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन संगठन ने संकेत दिया कि वह सऊदी अरब के भीतर बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान को लेकर बयान जारी करने की तैयारी कर रहा है। हूती मीडिया कार्यालय के उपप्रमुख नस्रुद्दीन आमेर ने हमलों को लेकर सऊदी अरब को चेतावनी दी।
ताजा हमले उत्तरी यमन के जौफ प्रांत में एक जेल पर कथित हवाई हमले के कुछ घंटे बाद हुए। हूतियों ने दावा किया कि हज़्म शहर की जेल पर हमले में एक बच्चे सहित कम से कम सात लोगों की मौत हुई और सात घायल हुए। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
चार साल का युद्धविराम टूटा
हूती लड़ाकों और सऊदी समर्थित यमनी सरकारी बलों के बीच बढ़ती झड़पों के बाद चार साल से चला आ रहा युद्धविराम लगभग खत्म हो गया है। पश्चिमी तट सहित कई मोर्चों पर भारी लड़ाई की खबरें हैं।
यमन में गृहयुद्ध 2014 में शुरू हुआ था, जब हूती बलों ने राजधानी सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद 2015 में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार को बहाल करने के लिए सैन्य हस्तक्षेप किया। संघर्ष ने बड़े मानवीय संकट को जन्म दिया।
सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के बीच मतभेदों ने भी यमन संघर्ष को और जटिल बना दिया है।
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