यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने रविवार, 9 अगस्त 2026 को दावा किया कि उन्होंने सऊदी अरब के लाल सागर तट पर स्थित एक तेल प्रतिष्ठान को निशाना बनाया। यह दावा सऊदी अरब की ओर से प्रतिष्ठान में लगी आग पर काबू पाने की जानकारी दिए जाने के बाद सामने आया।
सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। मंत्रालय के अनुसार, संबंधित अधिकारी घटना से निपटने के लिए आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर रहे हैं। हालांकि, मंत्रालय ने तत्काल यह स्पष्ट नहीं किया कि प्रतिष्ठान में आग किस वजह से लगी।
दूसरी ओर, हूती प्रवक्ता ने कहा कि तेल प्रतिष्ठान पर हमला सऊदी अरब की ओर से उत्तर-पश्चिमी यमन में किए गए ड्रोन हमलों के जवाब में किया गया। हूतियों ने इसे जवाबी कार्रवाई बताया है। हालांकि, सऊदी अधिकारियों ने हूतियों के इस दावे की तत्काल पुष्टि नहीं की है।
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यमन में लंबे समय से जारी संघर्ष के बीच हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच तनाव बना हुआ है। ईरान समर्थित हूती समूह पहले भी सऊदी अरब के तेल और ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के दावे करता रहा है।
लाल सागर क्षेत्र वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में तेल प्रतिष्ठान पर किसी भी तरह के हमले या आग की घटना से क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की आशंका रहती है और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर भी इसका असर पड़ सकता है।
फिलहाल सऊदी अधिकारी घटना की परिस्थितियों और आग लगने के कारणों की जांच कर रहे हैं। आग पर काबू पा लिए जाने के बाद संबंधित एजेंसियां नुकसान का आकलन कर रही हैं। हूतियों द्वारा किए गए हमले के दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
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