मुंबई क्राइम ब्रांच ने आईआईटी बॉम्बे के 22 वर्षीय छात्र साहिल वाकोड़े की कथित आत्महत्या की जांच अपने हाथ में ले ली है। मामले में एक प्रोफेसर और अन्य लोगों को पूछताछ के लिए बुलाए जाने की संभावना है। पुलिस के मुताबिक, जांच का जिम्मा डिटेक्शन के सहायक पुलिस आयुक्त को दिया गया है। यह मामला शनिवार रात क्राइम ब्रांच को सौंपा गया।
इससे पहले पवई पुलिस ने साहिल के माता-पिता की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108, यानी आत्महत्या के लिए उकसाने और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की थी।
प्रोफेसर पर क्या आरोप?
साहिल के माता-पिता ने उसके शिक्षक सूर्यनारायण दुल्ला पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पिछले करीब तीन महीनों से प्रोफेसर साहिल के खिलाफ कथित तौर पर जातिसूचक टिप्पणियां कर रहे थे और उसे झूठे मामले में फंसाने की धमकी देते थे। कुछ छात्रों ने भी दावा किया कि साहिल पर पढ़ाई से जुड़े दबाव और निलंबन की धमकियों का असर था।
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साहिल की शुक्रवार शाम छात्रावास के कमरे में कथित तौर पर आत्महत्या से मौत हो गई थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, परीक्षा के दौरान वह मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था। आरोप है कि उसने परीक्षा का प्रश्नपत्र चैटजीपीटी पर अपलोड कर सवालों के जवाब मांगे थे।
आईआईटी बॉम्बे ने क्या कहा?
आईआईटी बॉम्बे ने अपने बयान में कहा कि छात्र के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी। संस्थान के अनुसार, शिक्षक और विभागाध्यक्ष ने साहिल से बात की, उसकी काउंसलिंग की और आश्वस्त किया कि इस घटना का उसके शैक्षणिक करियर पर प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा।
संस्थान ने बताया कि बातचीत के बाद साहिल अपने छात्रावास के कमरे में लौट गया। बाद में शाम को वह कमरे में मृत पाया गया। साहिल ऊर्जा विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग का छात्र था। पुलिस अब आरोपों और घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
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