देश के कई हिस्सों में सक्रिय मानसून के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने ओडिशा के लिए अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की उत्तरी खाड़ी में अगले 24 घंटों के भीतर कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है, जिसके प्रभाव से अगले 60 घंटों में 22 राज्यों में मानसून और अधिक सक्रिय होगा।
आईएमडी के रिपोर्ट के अनुसार, उत्तरी बंगाल की खाड़ी और दक्षिण बांग्लादेश के आसपास बने ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण के कारण 14 और 15 जुलाई को ओडिशा में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है। इस प्रणाली के चलते पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत, पूर्वी उत्तर प्रदेश तथा पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में अगले सात दिनों तक तेज बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
पुरी समेत ओडिशा के कई इलाकों में पहले ही मूसलाधार बारिश शुरू हो चुकी है। मौसम विभाग ने निचले इलाकों में जलभराव, स्थानीय बाढ़ और प्रमुख शहरों में यातायात बाधित होने की चेतावनी दी है। वहीं बिहार में पिछले 24 घंटों के दौरान 12 से 20 सेंटीमीटर तक अत्यधिक वर्षा दर्ज की गई।
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पूर्वोत्तर भारत में असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश के लिए अगले एक सप्ताह तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मेघालय और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में अत्यधिक भारी वर्षा की विशेष चेतावनी दी गई है। वहीं उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में भी सप्ताह के अंत तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
उधर, असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। असम आपदा रिपोर्टिंग एवं सूचना प्रबंधन प्रणाली (डीआरआईएमएस) के अनुसार, सोनितपुर, डिब्रूगढ़, लखीमपुर, धीमाजी, जोरहाट और शिवसागर सहित छह जिलों में 37,032 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। बाढ़ से संबंधित एक मौत सोनितपुर जिले में दर्ज की गई है। लखीमपुर सबसे अधिक प्रभावित जिला है, जहां 35,696 लोग प्रभावित हैं। बाढ़ से 99 गांव, 1,103.943 हेक्टेयर फसल क्षेत्र और 16,139 पशु प्रभावित हुए हैं। राहत वितरण के लिए 20 केंद्र बनाए गए हैं और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) ने सोनितपुर में नावों के जरिए 16 लोगों को सुरक्षित निकाला है।
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