भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने संकेत दिया है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार एक बार फिर तेज होने वाली है और 23 जून के आसपास इसके आगे बढ़ने की अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। 8 जून से दक्षिण महाराष्ट्र में रुके हुए मानसून के अब उत्तर और पूर्व दिशा में आगे बढ़ने की उम्मीद जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, मानसून जल्द ही महाराष्ट्र के अतिरिक्त हिस्सों के साथ-साथ तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार में प्रवेश कर सकता है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ में भी मानसून के जल्द पहुंचने की संभावना है। मौजूदा रुझान जारी रहा तो मानसून जुलाई के पहले सप्ताह तक राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली तक पहुंच सकता है।
पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में मानसून पहले ही सक्रिय हो चुका है। पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इन राज्यों में रेड अलर्ट घोषित किया गया है क्योंकि लगातार तेज वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना है। असम और मेघालय में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी है।
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पिछले 24 घंटों में असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है, जबकि अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और झारखंड में भी तेज बारिश हुई है। बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी मध्यम से भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है।
हालांकि, एक तरफ जहां मानसून सक्रिय हो रहा है, वहीं मध्य और पश्चिम भारत में गर्मी का असर अभी भी जारी है। महाराष्ट्र के तटीय और मध्य हिस्सों में हीटवेव अलर्ट है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश और विदर्भ क्षेत्र में 25 जून तक गर्म हवाएं चल सकती हैं। तेलंगाना और बिहार में भी 21 जून तक हीटवेव जैसी स्थिति बनी रह सकती है।
आईएमडी ने यह भी बताया कि उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान 22 जून तक स्थिर रहेगा, जिसके बाद लगभग 2 डिग्री की गिरावट संभव है। महाराष्ट्र और तेलंगाना में भी आने वाले दिनों में तापमान में क्रमशः 2 से 5 डिग्री तक की कमी देखी जा सकती है।
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