ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (एआईओसीडी) द्वारा बुलाए गए देशव्यापी बंद के कारण बुधवार को मणिपुर की राजधानी इंफाल में सभी दवा दुकानें बंद रहीं। हड़ताल के चलते शहर में दवाओं की आपूर्ति और खरीद-बिक्री पर व्यापक असर देखा गया।
दवा दुकानों के बंद रहने से मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई लोग जरूरी दवाएं खरीदने के लिए मेडिकल स्टोरों के चक्कर लगाते नजर आए, लेकिन अधिकांश दुकानें पूरी तरह बंद थीं।
हड़ताल में शामिल संगठनों का कहना है कि वे दवा कारोबार से जुड़े कुछ मुद्दों और नीतियों के विरोध में यह बंद कर रहे हैं। हालांकि, आवश्यक सेवाओं और अस्पतालों में आपातकालीन दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने के प्रयास किए गए।
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इंफाल के विभिन्न इलाकों में मेडिकल स्टोरों के शटर बंद दिखाई दिए। शहर के प्रमुख बाजारों और दवा मंडियों में भी सन्नाटा पसरा रहा। कई निजी क्लीनिक और छोटे अस्पतालों में मरीजों को दवाएं उपलब्ध कराने में कठिनाई हुई।
दवा विक्रेताओं का कहना है कि सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो भविष्य में आंदोलन और तेज किया जा सकता है।
इस बीच, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने लोगों से घबराने की जरूरत नहीं होने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं चालू हैं और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
देशव्यापी हड़ताल का असर केवल इंफाल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कई अन्य राज्यों और शहरों में भी दवा दुकानों के बंद रहने की खबरें सामने आई हैं।
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