महाराष्ट्र की राजनीति में एकनाथ शिंदे गुट की पकड़ लगातार मजबूत होती जा रही है। इसी क्रम में एक बड़ी राजनीतिक घटना में स्वतंत्र विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) किरण सरनाइक आधिकारिक रूप से शिवसेना (शिंदे गुट) में शामिल हो गए हैं। यह कदम राज्य में जारी “ऑपरेशन टाइगर” अभियान के तहत पार्टी के लिए एक और बड़ी सफलता माना जा रहा है।
किरण सरनाइक, जो अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य हैं, ने बुधवार देर रात वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में शिंदे गुट की शिवसेना की सदस्यता ग्रहण की। उनके शामिल होने को सत्ता पक्ष के राजनीतिक प्रभाव के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सरनाइक का स्वागत करते हुए कहा कि वे लंबे समय से उनके साथ विभिन्न जनहित मुद्दों पर काम कर रहे थे और अब उन्होंने आधिकारिक रूप से शिवसेना का हिस्सा बनने का निर्णय लिया है। शिंदे के अनुसार, यह कदम उनकी नेतृत्व क्षमता और पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण है।
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यह राजनीतिक घटनाक्रम उसी दिन हुआ जब विपक्षी शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) के एमएलसी सचिन आहिर को महाराष्ट्र विधान परिषद का उपसभापति निर्विरोध चुना गया। यह नियुक्ति सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के उम्मीदवार के रूप में हुई, जिससे राज्य की राजनीति में एक और बड़ा बदलाव देखने को मिला।
“ऑपरेशन टाइगर” के तहत शिंदे गुट लगातार विपक्षी खेमे से नेताओं को अपने पाले में ला रहा है। हाल ही में छह सांसदों ने भी शिवसेना (UBT) छोड़कर शिंदे गुट का दामन थामा था, जिनमें संजय दिना पाटिल, संजय जाधव, ओमप्रकाश राजेनिम्बालकर सहित कई प्रमुख नाम शामिल हैं।
इसके अलावा, नासिक स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के बागी नेता गोकुल गीते भी हाल ही में शिंदे गुट में शामिल हुए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार हो रहे इन दलबदल से महाराष्ट्र की राजनीति में सत्ता समीकरण तेजी से बदल रहे हैं और शिंदे गुट आगामी चुनावों के लिए अपनी स्थिति और मजबूत कर रहा है।
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