भारत और ऑस्ट्रेलिया अपने रक्षा औद्योगिक सहयोग को और मजबूत करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। दोनों देशों ने 9 अक्टूबर 2025 को हुई पहली वार्ता के बाद अब तक हुई प्रगति की समीक्षा की और रणनीतिक एवं रक्षा संबंधों को और गहरा करने पर चर्चा की।
सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में दोनों देशों ने रक्षा उत्पादन, तकनीकी सहयोग, संयुक्त अभ्यास और आपसी सुरक्षा हितों को मजबूत करने पर जोर दिया। भारत और ऑस्ट्रेलिया ने इस बात पर भी सहमति जताई कि बदलते वैश्विक सुरक्षा माहौल में दोनों देशों के बीच सहयोग और अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।
बैठक के दौरान यह भी स्वागत किया गया कि पहले से चल रही रक्षा साझेदारी को नए स्तर पर ले जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। दोनों पक्षों ने रक्षा उद्योग में निवेश, नवाचार और तकनीकी आदान-प्रदान को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।
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भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच यह सहयोग न केवल रक्षा उत्पादन को मजबूत करेगा, बल्कि दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को भी नई दिशा देगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस एमओयू से रक्षा क्षेत्र में संयुक्त अनुसंधान और उत्पादन के नए अवसर खुलेंगे।
भारत पिछले कुछ वर्षों में रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, जबकि ऑस्ट्रेलिया भी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अपनी सुरक्षा साझेदारियों को मजबूत कर रहा है। ऐसे में दोनों देशों का यह सहयोग क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दोनों देशों ने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में रक्षा प्रशिक्षण, साइबर सुरक्षा और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाया जाएगा।
यह प्रस्तावित एमओयू भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने वाला कदम माना जा रहा है और इससे दोनों देशों के रक्षा उद्योगों को वैश्विक स्तर पर मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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