केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि अब अपराधियों के लिए विदेशों में छिपकर कानून से बच निकलने के दिन खत्म हो गए हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए बड़ी संख्या में भगोड़ों को देश वापस लाने में सफलता हासिल की है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2019 से 2026 के बीच भारत ने 36 देशों से कुल 274 भगोड़ों को वापस लाया है। इन आरोपियों में आतंकवादी, गैंगस्टर, आर्थिक अपराधी, मादक पदार्थों से जुड़े अपराधी और हत्या, दुष्कर्म समेत कई गंभीर मामलों में वांछित लोग शामिल हैं।
गृह मंत्रालय ने बताया कि विदेशों में छिपे अपराधियों को पकड़कर भारत लाने के लिए विभिन्न अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों और संबंधित देशों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि गंभीर अपराधों में शामिल कोई भी व्यक्ति देश की कानून व्यवस्था से बच न सके।
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अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने अपराध और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। उन्होंने कहा कि पहले कई अपराधी देश में अपराध करने के बाद विदेश भाग जाते थे और वर्षों तक कानून की पकड़ से बाहर रहते थे, लेकिन अब ऐसी स्थिति बदल गई है।
गृह मंत्रालय ने बताया कि प्रत्यर्पण और निर्वासन की प्रक्रिया के जरिए इन भगोड़ों को वापस लाया गया है। इनमें आतंकवाद से जुड़े आरोपी, संगठित अपराध गिरोहों के सदस्य और बड़े वित्तीय घोटालों में शामिल लोग भी शामिल हैं।
सरकार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग को और मजबूत किया जा रहा है ताकि विदेशों में मौजूद अन्य वांछित अपराधियों को भी जल्द भारत लाया जा सके। गृह मंत्रालय का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई केवल देश की सीमाओं तक सीमित नहीं रहेगी और कानून से भागने वालों पर लगातार शिकंजा कसा जाएगा।
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