नई दिल्ली। India Meteorological Department (आईएमडी) ने पुष्टि की है कि मंगलवार, 3 मार्च 2026 को पूर्ण चंद्रग्रहण होगा। यह खगोलीय घटना कई समय क्षेत्रों में देखी जाएगी। इस दौरान चंद्रमा दाईं ओर से बाईं ओर बढ़ते हुए पृथ्वी की छाया से होकर गुजरेगा।
आईएमडी के अनुसार, पूर्ण चंद्रग्रहण तब होता है जब चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की गर्भछाया (अम्ब्रा) में प्रवेश कर जाता है, जबकि आंशिक चंद्रग्रहण की स्थिति में चंद्रमा का केवल एक भाग ही छाया से ढकता है। विभाग ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस बार ग्रहण की गहराई 1.155 होगी, जो इसे एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना बनाती है।
यह पूर्ण चंद्रग्रहण पूरे भारत सहित ईस्टर्न एशिया , ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका में भी देखा जा सकेगा। भारत में अधिकांश स्थानों पर चंद्रग्रहण का अंतिम चरण चंद्रोदय के समय दिखाई देगा। हालांकि, पूर्वोत्तर भारत और अंडमान व नोकोबार द्वीप समूह में पूर्णता चरण का अंत भी स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा।
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भारतीय मानक समय (आईएसटी) के अनुसार ग्रहण दोपहर 3:20 बजे शुरू होगा। पूर्णता चरण 4:34 बजे आरंभ होगा और 5:33 बजे समाप्त होगा। संपूर्ण ग्रहण चक्र 6:48 बजे समाप्त होगा।
पूर्ण चंद्रग्रहण तब घटित होता है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में आ जाते हैं तथा पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच स्थित होकर सूर्य के प्रकाश को सीधे चंद्रमा तक पहुंचने से रोक देती है। यह दृश्य खगोल विज्ञान के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
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