विश्व पर्यावरण दिवस 2026 से पहले पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारतीय सेना ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। स्पीयर कोर के अंतर्गत आने वाले रेड शील्ड डिवीजन ने वन विभाग और स्थानीय समुदायों के सहयोग से ऊपरी असम के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक वृक्षारोपण और स्वच्छता अभियान चलाया है।
इस विशेष अभियान के तहत कुल 10,000 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सेना, वन विभाग और स्थानीय नागरिकों की संयुक्त भागीदारी से यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ लोगों में प्रकृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी प्रयास है। अभियान के दौरान विभिन्न स्कूलों, सार्वजनिक स्थलों और वन क्षेत्रों में पौधारोपण किया गया तथा स्वच्छता गतिविधियां भी आयोजित की गईं।
भारतीय सेना के अधिकारियों ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी संस्थाओं की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी आवश्यक है। इसी सोच के तहत स्थानीय ग्रामीणों, युवाओं, छात्रों और स्वयंसेवी संगठनों को भी इस अभियान से जोड़ा गया है।
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वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण से क्षेत्र में हरित आवरण बढ़ेगा, जैव विविधता को संरक्षण मिलेगा और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही यह पहल मिट्टी संरक्षण और जल संसाधनों के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
विश्व पर्यावरण दिवस हर वर्ष 5 जून को मनाया जाता है। इस अवसर पर देशभर में पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। ऊपरी असम में चलाया जा रहा यह संयुक्त अभियान पर्यावरण संरक्षण के प्रति भारतीय सेना की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के सामुदायिक प्रयास न केवल पर्यावरण को लाभ पहुंचाते हैं, बल्कि लोगों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता की भावना भी विकसित करते हैं।
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