यूक्रेन के सूमी शहर में रूसी ड्रोन हमले में एक फार्मास्युटिकल प्लांट को निशाना बनाया गया। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रविवार को बताया कि हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि यह संयंत्र भारतीय कंपनी कुसुम हेल्थकेयर का है, हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जेलेंस्की ने हमले की निंदा करते हुए मृतक के परिवार के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि रूस ने कीव में पिवनिच्नी पुल और निप्रो शहर में एक संचार केंद्र को भी निशाना बनाया, जहां कई लोग घायल हुए।
यूक्रेनी राष्ट्रपति के अनुसार, रूस ने इस सप्ताह अकेले यूक्रेन पर 1,900 से अधिक ड्रोन, 1,700 हवाई बम और 25 मिसाइलें दागी हैं। इनमें 800 से अधिक ड्रोन जेट इंजन से संचालित थे। उन्होंने बताया कि शनिवार रात रूस ने यूक्रेन के खिलाफ 135 हमलावर ड्रोन भेजे, जिनमें 50 से अधिक जेट संचालित ड्रोन थे।
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जेलेंस्की ने कहा कि कीव, निप्रो, खारकीव, दोनेत्स्क, सूमी और जापोरिझिया क्षेत्रों को निशाना बनाया गया। उनके मुताबिक, रूस के प्रमुख निशानों में आवासीय इमारतें और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे शामिल हैं। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है।
इन हमलों के बीच जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज यूक्रेन पहुंचे और जेलेंस्की से मुलाकात की। मर्ज ने यूक्रेन को समर्थन देने का भरोसा जताते हुए कहा कि रूस की युद्ध मशीन भविष्य में यूरोप के अन्य देशों के लिए भी खतरा बन सकती है।
यूक्रेन लगातार रूस के ड्रोन हमलों से निपटने के लिए आधुनिक इंटरसेप्टर और अतिरिक्त सैन्य सहायता की मांग कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, जर्मनी और यूक्रेन के बीच एक अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के नए सैन्य सहायता पैकेज पर समझौता होने की उम्मीद है।
जेलेंस्की ने जर्मनी के समर्थन की सराहना करते हुए कहा कि रूस को रोकने के लिए यूक्रेन और यूरोप को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण समझौते किए जाने की तैयारी है।
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