नेपाल में बाढ़ के 9 दिन बाद सुरंग से दो मजदूर सुरक्षित निकाले गए, बचाव अभियान में और सफलता की उम्मीद
नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के नौ दिन बाद त्रिशूली जलविद्युत परियोजना की सुरंग से दो मजदूरों को सुरक्षित बचाया गया। आपदा में मृतकों और लापता लोगों की संख्या लगातार बढ़ी।
नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी अचानक बाढ़ के नौ दिन बाद शुक्रवार को त्रिशूली जलविद्युत परियोजना की मलबे में दबी सुरंग से दो मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। दोनों मजदूर बाढ़ आने के समय जलविद्युत परियोजना में काम कर रहे थे और सुरंग के भीतर फंस गए थे।
ऊर्जा मंत्री बिराज भक्त श्रेष्ठ ने पुष्टि की कि त्रिशूली-3A जलविद्युत परियोजना की सुरंग से एक मजदूर को सुरक्षित निकाला गया। इसके कुछ ही समय बाद दूसरे मजदूर को भी बचा लिया गया। गृह मंत्री सुदन गुरूंग ने भी दूसरे व्यक्ति के सुरक्षित बाहर आने की जानकारी दी।
नेपाल में बाढ़ से 1,282 लोगों की मौत
इस बीच नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। शुक्रवार तक आपदा में मृतकों की संख्या बढ़कर 1,282 हो गई, जबकि 4,700 से अधिक लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। रासुवा और नुवाकोट जिलों में करीब 600 बच्चे भी लापता हैं।
26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के हिमस्खलन से अचानक बाढ़ आई थी। इससे उत्तरी और मध्य नेपाल के कई कस्बों और गांवों में भारी तबाही हुई।
नेपाल पुलिस के अनुसार चितवन में 359, नवलपरासी पूर्व में 218, नवलपरासी पश्चिम में 208, नुवाकोट में 185, गोर्खा में 72, धादिंग में 60, रासुवा में 140 और तनहूं में 38 शव बरामद किए गए हैं। काठमांडू के अस्पतालों में इलाज के दौरान दो लोगों की मौत के बाद कुल मृतक संख्या 1,282 हो गई।
सुरक्षा बलों की संयुक्त कमान करीब 4,798 लापता लोगों की तलाश में अभियान चला रही है।
सैकड़ों बच्चे अब भी लापता
रासुवा में करीब 280 बच्चों के लापता होने की जानकारी है, जबकि पड़ोसी नुवाकोट में 300 से 350 बच्चे लापता बताए जा रहे हैं। बिदुर नगरपालिका में ही करीब 250 बच्चों के लापता होने की सूचना है।
नुवाकोट के शिक्षा विकास एवं समन्वय इकाई के प्रमुख सूर्य बहादुर खत्री ने कहा कि स्कूल प्रमुखों के साथ मिलकर आंकड़ों का सत्यापन किया जा रहा है। संचार व्यवस्था बाधित होने के कारण सटीक आंकड़े जुटाने में कठिनाई हो रही है।
आपदा में शिक्षक और स्कूल कर्मचारी भी प्रभावित हुए हैं। रासुवा और नुवाकोट में 22 शिक्षक एवं कर्मचारी अब भी लापता हैं। रासुवा में 16 और नुवाकोट में छह शिक्षकों के लापता होने की पुष्टि हुई है।