अमेरिकी कमांडर ने चीन से बढ़ते खतरे को लेकर जताई चिंता, मिसाइल भंडार को लेकर भी चेतावनी
अमेरिकी कमांडर ने चीन के बढ़ते खतरे और सैन्य संसाधनों की कमी को लेकर चेतावनी दी है। उन्होंने भविष्य के युद्धों के लिए रक्षा उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया है।
एक वरिष्ठ अमेरिकी सैन्य कमांडर ने चीन से उत्पन्न हो रहे बढ़ते रणनीतिक खतरे को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा है कि वर्तमान वैश्विक सुरक्षा परिस्थितियों में अमेरिका को कई मोर्चों पर एक साथ तैयार रहना होगा, जिसमें सबसे बड़ा चुनौतीपूर्ण कारक चीन की बढ़ती सैन्य क्षमता है।
कमांडर के अनुसार, हाल ही में ईरान के खिलाफ चलाए जा रहे कथित “ऑपरेशन एरिक फ्यूरी (Eric Fury)” जैसी कार्रवाइयों ने अमेरिका के सैन्य संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव डाला है। विशेष रूप से मिसाइलों और गोला-बारूद के भंडार में तेजी से हो रही कमी को लेकर उन्होंने चेतावनी दी है।
उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में किसी बड़े युद्ध की स्थिति बनती है, विशेषकर एशिया-प्रशांत क्षेत्र में चीन के साथ संभावित संघर्ष, तो वर्तमान स्तर का हथियार भंडार पर्याप्त नहीं हो सकता। ऐसे में अमेरिका को अपने रक्षा उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखला को तेजी से मजबूत करना होगा।
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विशेषज्ञों का मानना है कि चीन लगातार अपनी सैन्य क्षमताओं का विस्तार कर रहा है और समुद्री तथा हवाई क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति को मजबूत कर रहा है। इस स्थिति ने अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के लिए रणनीतिक चुनौती बढ़ा दी है।
रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया है कि मौजूदा वैश्विक संघर्षों में सैन्य संसाधनों की खपत बढ़ने से भविष्य की तैयारी प्रभावित हो सकती है। इसी कारण अमेरिकी रक्षा रणनीतिकार अब दीर्घकालिक सैन्य उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं।
कमांडर ने यह भी कहा कि अमेरिका को केवल वर्तमान संघर्षों पर नहीं, बल्कि भविष्य के संभावित युद्ध परिदृश्यों को ध्यान में रखते हुए रणनीति बनानी होगी, ताकि किसी भी बड़े संकट की स्थिति में देश की सुरक्षा कमजोर न पड़े।
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