ईरान ने दो सप्ताह के अस्थायी युद्धविराम पर सहमति जताई है, लेकिन स्पष्ट किया है कि यह संघर्ष का अंत नहीं बल्कि केवल एक अंतरिम विराम है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, अमेरिका के साथ जल्द ही बातचीत शुरू होगी, जिसकी मेजबानी पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में किए जाने की संभावना है।
ईरान ने कहा कि युद्धविराम कई महत्वपूर्ण शर्तों पर निर्भर करेगा। इस दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने पर सहमति दी गई है, लेकिन इसके जरिए होने वाली आवाजाही पर ईरानी सशस्त्र बलों की निगरानी रहेगी। इसका मतलब यह है कि मार्ग पूरी तरह से स्वतंत्र नहीं होगा, बल्कि नियंत्रित तरीके से संचालित किया जाएगा।
ईरान की ओर से पेश की गई 10 सूत्रीय योजना इस प्रस्ताव का मुख्य आधार है। इसमें प्रमुख मांगें शामिल हैं—इराक, लेबनान और यमन में चल रहे युद्धों का पूर्ण अंत, ईरान के खिलाफ सभी सैन्य कार्रवाई का स्थायी रूप से समाप्त होना और पूरे क्षेत्र में संघर्षों का खत्म होना।
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इसके अलावा, योजना में होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने, वहां सुरक्षित और स्वतंत्र नौवहन सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट प्रोटोकॉल बनाने, और ईरान के पुनर्निर्माण के लिए मुआवजा देने की मांग की गई है। ईरान ने यह भी कहा है कि उस पर लगे सभी प्रतिबंध हटाए जाएं और अमेरिका में जमे उसके फंड और संपत्तियों को मुक्त किया जाए।
ईरान ने बदले में यह आश्वासन दिया है कि वह परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश नहीं करेगा। साथ ही, सभी शर्तें मानने के बाद तुरंत प्रभाव से युद्धविराम लागू करने की बात कही गई है।
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी दो सप्ताह के लिए हमले रोकने का ऐलान किया है और इसे “दोनों पक्षों का युद्धविराम” बताया है। हालांकि, दोनों देशों के बीच अभी भी कई मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं।
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