मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच ईरान ने दावा किया है कि कतर ने उसके तीन पायलटों को हिरासत में ले रखा है। ईरान के मुताबिक, ये पायलट अपने लड़ाकू विमानों के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद विमान से बाहर निकलने के दौरान पकड़े गए थे। हालांकि, कतर ने ईरान के इस दावे को तुरंत खारिज कर दिया और इसे ‘भ्रामक बयान’ बताया।
कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने कहा कि लापता पायलटों की तलाश पूरी गंभीरता से की गई थी। उन्होंने बताया कि एक पायलट के अवशेष ईरान को सौंपे भी जा चुके हैं।
अंसारी ने कहा कि कतर को ईरानी पायलटों को हिरासत में लेने संबंधी दावों पर आश्चर्य है। उन्होंने बताया कि कतर ने अप्रैल में ईरान की एक टीम को देश में आने और खोज एवं बचाव अभियान की जानकारी लेने का निमंत्रण दिया था, लेकिन ईरान की ओर से अब तक इसका जवाब नहीं दिया गया।
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इसके बावजूद ईरान अपने दावे पर कायम है। ईरानी सेना के जनरल मोहम्मद बाघेरजादेह ने बताया कि तीन ईरानी पायलटों को कतर की सेनाओं ने जिंदा पकड़ा था। इनके नाम जवाद सालेही, अब्दोलमजीद दश्तियान और ओमरान बेहरवेशियन बताए गए हैं। ईरान का दावा है कि वे छह महीने से कतर की हिरासत में हैं।
कतर ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है। इसके बावजूद ईरान ने कतर में स्थित अल उदीद एयर बेस को निशाना बनाया है। यह मध्य पूर्व में अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य अड्डा है और यहां अमेरिकी सेंट्रल कमांड की अग्रिम सैन्य इकाइयां मौजूद हैं।
मार्च में कतर ने दावा किया था कि उसकी सेना ने ईरान के दो सुखोई एसयू-24 बमवर्षक विमानों को मार गिराया था। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि कथित रूप से पकड़े गए पायलट उन्हीं विमानों से जुड़े थे या नहीं।
इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष और युद्धविराम को लेकर तनाव जारी है। दोनों पक्षों में अभी सहमति नहीं बन पाई है और क्षेत्र में स्थिति लगातार संवेदनशील बनी हुई है।
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