ईरान और ओमान होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के सुरक्षित आवागमन को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौते के करीब पहुंच गए हैं। हालांकि तेहरान ने स्पष्ट किया है कि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को दोबारा पूरी तरह खोलने का फैसला कुछ "तीसरे पक्षों" के रवैये पर निर्भर करेगा, जिसका संकेत अमेरिका की ओर माना जा रहा है। दूसरी ओर, वॉशिंगटन का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य सभी व्यापारिक जहाजों के लिए बिना किसी बाधा के खुला रहना चाहिए।
मध्य पूर्व में 28 फरवरी से जारी संघर्ष के बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का प्रभावी नियंत्रण बना हुआ है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बग़ाई ने बताया कि ओमान के साथ समझौते का मसौदा लगभग तैयार है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने समुद्री मार्ग के भौगोलिक समन्वय पर सहमति बना ली है और यदि कोई बाहरी पक्ष इस प्रक्रिया में बाधा नहीं डालता है तो जल्द ही संयुक्त बयान जारी किया जा सकता है।
बग़ाई ने अमेरिका पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसकी नौसैनिक नाकेबंदी और ईरान के खिलाफ आक्रामक गतिविधियों के कारण होर्मुज क्षेत्र अब भी असुरक्षित बना हुआ है।
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होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत कच्चे तेल का परिवहन इसी मार्ग से होता है। पिछले पांच महीनों से जारी संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखा गया है। बुधवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 80 डॉलर प्रति बैरल रही।
रिपोर्ट के अनुसार, इस मसौदा समझौते को लागू करने के लिए ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोज़तबा ख़ामेनेई की अंतिम मंजूरी आवश्यक होगी। क्षेत्रीय अधिकारियों का मानना है कि यह समझौता फिलहाल होर्मुज विवाद का अस्थायी समाधान हो सकता है, लेकिन इससे अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर रुकी हुई वार्ता दोबारा शुरू होने की संभावना भी मजबूत हो सकती है। हालांकि अमेरिका ने ईरान द्वारा सुरक्षा शुल्क वसूलने के प्रस्ताव पर आपत्ति जताई है और कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य सभी जहाजों के लिए स्वतंत्र रूप से खुला रहना चाहिए।
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