ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन के कथित इस्तीफे को लेकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया में चल रही खबरों ने राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन ने देश की सर्वोच्च नेतृत्व व्यवस्था को सूचित किया है कि उनके पास अपने संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन करने के लिए पर्याप्त अधिकार नहीं बचे हैं और इसलिए उन्होंने पद छोड़ने की पेशकश की है।
रिपोर्टों के अनुसार, पेज़ेश्कियन ने कथित तौर पर शिकायत की कि उनकी सरकार को महत्वपूर्ण नीतिगत फैसलों और निर्णय लेने की प्रक्रियाओं से बाहर रखा जा रहा है। इससे उनके लिए राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करना कठिन हो गया है। यह दावा ऐसे समय में सामने आया है जब ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच विभिन्न मुद्दों पर बातचीत जारी है और देश के भीतर सत्ता संतुलन को लेकर चर्चाएं बढ़ रही हैं।
हालांकि, ईरानी सरकार ने इन रिपोर्टों को पूरी तरह खारिज कर दिया है और कहा कि राष्ट्रपति के इस्तीफे की खबरें निराधार हैं और पेज़ेश्कियन अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं।
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राष्ट्रपति कार्यालय में संचार एवं सूचना विभाग के उप प्रमुख सैयद मेहदी तबातबाई ने भी सोशल मीडिया मंच एक्स पर इन दावों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति जनता की सेवा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं और पद छोड़ने का उनका कोई इरादा नहीं है।
कुछ रिपोर्टों में यह भी आरोप लगाया गया कि ईरान की प्रशासनिक व्यवस्था पर आईआरजीसी के कमांडरों का प्रभाव बढ़ गया है, जिससे निर्वाचित सरकार की भूमिका सीमित हो रही है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले भी ईरानी नेतृत्व को “गंभीर रूप से विभाजित” और “अव्यवस्थित” बता चुके हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
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