मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अब होर्मुज जलडमरूमध्य के बाद एक और अहम वैश्विक समुद्री मार्ग को बंद करने की धमकी दी है। यह नया मार्ग बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य है, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य अरब प्रायद्वीप और अफ्रीका के हॉर्न क्षेत्र के बीच स्थित है और लाल सागर को अदन की खाड़ी तथा हिंद महासागर से जोड़ता है। यह संकरा समुद्री मार्ग विश्व के सबसे व्यस्त व्यापारिक रास्तों में से एक है, जिससे हर साल लगभग 15 प्रतिशत वैश्विक समुद्री व्यापार गुजरता है।
रिपोर्टों के अनुसार, तेहरान ने इजरायल की लेबनान में जारी सैन्य कार्रवाई के विरोध में अमेरिका के साथ अप्रत्यक्ष वार्ता रोक दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस स्थिति पर कहा कि यदि बातचीत टूटती है तो उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। हालांकि उन्होंने इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच संघर्षविराम की घोषणा भी की है।
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इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संकेत दिया है कि दक्षिणी लेबनान में सैन्य अभियान जारी रहेगा, जहां इजरायली सेना पिछले 25 वर्षों में सबसे अंदर तक पहुंच चुकी है। इसी कारण क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है।
ईरान का कहना है कि जब तक गाजा और लेबनान में सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी, तब तक कोई भी वार्ता संभव नहीं है। इस बीच, यमन के हूती विद्रोही समूह की भूमिका को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
हूती समूह ने पहले भी लाल सागर और बाब अल-मंदेब क्षेत्र में जहाजों पर हमले किए हैं, जिससे वैश्विक व्यापार प्रभावित हुआ था। 2023 के बाद हुए हमलों के कारण कई शिपिंग कंपनियों को अफ्रीका के रास्ते लंबा मार्ग अपनाना पड़ा, जिससे लागत में भारी वृद्धि हुई।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यह मार्ग बाधित होता है तो ऊर्जा कीमतों में उछाल और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर गंभीर असर पड़ सकता है।
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