ईरान ने अमेरिका और इज़राइल को एक बार फिर कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उसके खिलाफ कोई नई सैन्य कार्रवाई की गई तो वह “नए हथियारों और तरीकों” से जवाब देगा। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और जारी कूटनीतिक गतिविधियों के बीच ईरान का यह बयान सामने आया है।
तेहरान के वलियास्र स्क्वायर में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में ईरानी सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरामिनिया ने कहा कि ईरान किसी दबाव या धमकी के आगे झुकने वाला नहीं है। ईरान ने कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान को न तो अलग-थलग किया जा सकता है और न ही हराया जा सकता है।
ब्रिगेडियर जनरल अकरामिनिया ने कहा, “अगर दुश्मन फिर कोई गलती करता है और ज़ायोनी ताकतों के जाल में फंसकर ईरान के खिलाफ हमला करता है, तो हम नए मोर्चे खोलेंगे और नए तरीकों से जवाब देंगे।”
और पढ़ें: ईरान की सख्त चेतावनी: अमेरिका से फिर भड़क सकता है युद्ध, सेना हाई अलर्ट पर
उन्होंने यह भी दावा किया कि युद्धविराम की अवधि का इस्तेमाल ईरान ने अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने के लिए किया है। उनके अनुसार, इस दौरान ईरान ने अपनी युद्ध क्षमता और सैन्य तैयारियों को और मजबूत किया है।
ईरानी सेना के प्रवक्ता ने कहा कि होरमुज जलडमरूमध्य पर ईरान का पूरा नियंत्रण है और अब वहां हालात पहले जैसे नहीं रहेंगे। उन्होंने कहा कि विरोधी देशों को ईरान के वैध अधिकारों का सम्मान करना चाहिए।
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान पर संभावित हमला शुरू होने में केवल एक घंटा बाकी था और अमेरिकी सेना पूरी तरह तैयार थी। ट्रंप ने कहा, “हम पूरी तरह तैयार थे। जहाज हथियारों से भरे हुए थे और हमला कभी भी शुरू हो सकता था।”
जब ट्रंप से पूछा गया कि ईरान को समझौते के लिए कितना समय दिया गया है, तो उन्होंने कहा, “दो या तीन दिन, शायद शुक्रवार, शनिवार या रविवार तक। ज्यादा समय नहीं दिया जाएगा क्योंकि हम ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दे सकते।”
इस बयान के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
और पढ़ें: ईरान समझौते को बेताब, युद्ध जल्द खत्म होगा: डोनाल्ड ट्रंप