ईरान, अमेरिका और इज़राइल के बीच जारी युद्ध अब 23वें दिन में प्रवेश कर चुका है और हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। इस बीच ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि उसके ऊर्जा ठिकानों पर हमला किया गया, तो वह अमेरिका के ऊर्जा ढांचे को नष्ट कर देगा।
इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बताया कि ईरान द्वारा किए गए मिसाइल हमले के बाद दक्षिणी शहर अराद में हालात बेहद गंभीर हो गए। इस हमले में कम से कम 88 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने अराद के मेयर से बात की और देशभर में आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने का निर्देश दिया है। उन्होंने नागरिकों से सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
नेतन्याहू ने कहा कि इज़राइल अपने दुश्मनों पर हर मोर्चे पर कार्रवाई जारी रखेगा और पीछे नहीं हटेगा।
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वहीं, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स पर बड़े हमले करेगा।
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है, जिसे ईरान की सैन्य गतिविधियों के कारण बाधित किया गया है। इससे अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में भी उछाल देखने को मिला है।
इसी बीच इज़राइली अधिकारियों ने दावा किया है कि ईरान ने लंबी दूरी की मिसाइलें तैनात कर दी हैं। इन मिसाइलों की मारक क्षमता करीब 4000 किलोमीटर तक है, जिससे बर्लिन, पेरिस और रोम जैसे यूरोपीय शहर भी निशाने पर आ सकते हैं।
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