ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते तनाव के बीच, इज़राइली रक्षा सेना (IDF) ने लेबनान पर अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला किया है। इस हमले में हिज़बुल्लाह के कई ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिससे 182 लोगों की मौत हुई। मृतकों में आम नागरिक और हिज़बुल्लाह के सदस्य शामिल हैं। इस हिंसा के चलते दोहरे संकट के रूप में ईरान ने फिर से होर्मुज़ जलडमरूमध्य बंद कर दिया, जो वैश्विक तेल परिवहन के लिए महत्वपूर्ण मार्ग है।
हिज़बुल्लाह ने इसके जवाब में इज़राइल में रॉकेट दागे। इससे इज़राइल के दक्षिणी क्षेत्रों में सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया गया है और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी दी गई है।
इस बीच, अमेरिका और ईरानी प्रतिनिधिमंडल शांति समझौते को अंतिम रूप देने के लिए इस्लामाबाद में शुक्रवार को बैठक करने वाले हैं। यह समझौता संघर्षविराम के लिए किया गया था, लेकिन लेबनान में इस्राइली हमलों और होर्मुज़ जलडमरूमध्य की बंदी के कारण इसे खतरे में माना जा रहा है।
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व्हाइट हाउस ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य की बंदी को “अस्वीकार्य” बताया और ईरान से इसे तुरंत खोलने का आग्रह किया। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह मार्ग वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
विश्लेषकों का कहना है कि अगर संघर्षविराम पूरी तरह लागू नहीं होता, तो मध्य पूर्व में शांति प्रक्रिया खतरे में पड़ सकती है और क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकता है। दोनों पक्षों के लिए यह समय संवेदनशील है क्योंकि एक छोटा सा विवाद भी बड़ी संघर्ष स्थिति में बदल सकता है।
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