अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष अब 38वें दिन में प्रवेश कर चुका है और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। ताजा घटनाक्रम में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के खुफिया प्रमुख मेजर माजिद खादेमी की अमेरिकी-इजरायली हमले में मौत हो गई है। इस घटना ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को दी गई समयसीमा को 24 घंटे और बढ़ा दिया है और चेतावनी दी है कि यदि तेहरान होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोलता, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। ट्रंप ने कहा, “मंगलवार रात 8:00 बजे (ईस्टर्न टाइम)”, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि अब समय बहुत कम बचा है। उन्होंने पहले भी ईरान को “नरक” जैसी स्थिति का सामना करने की चेतावनी दी थी।
इसके जवाब में ईरान ने कहा है कि किसी भी हमले का जवाब उसी तरीके से दिया जाएगा। जमीन पर हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। अमेरिका ने पुष्टि की है कि उसने ईरान में गिराए गए अपने फाइटर जेट के दूसरे चालक दल के सदस्य को बचा लिया है, लेकिन उस क्षेत्र में हमलों के कारण कई लोगों की मौत की खबर है।
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इजरायल के हाइफा शहर में एक मिसाइल हमले में रिहायशी इमारत को नुकसान पहुंचा, जिससे कई लोग घायल और लापता हो गए। वहीं, कुवैत में ऊर्जा सुविधाओं पर हमलों से भारी नुकसान हुआ है। लेबनान के बेरूत के पास भी इजरायली हमले जारी हैं, जहां हताहतों की खबर है।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि तनाव और बढ़ता है, तो बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य जैसे अन्य महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग भी निशाने पर आ सकते हैं, जिससे वैश्विक संकट और गहरा सकता है।
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