पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि ईरान में “शासन परिवर्तन” हो चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध समाप्त करने के लिए अमेरिका द्वारा पाकिस्तान के माध्यम से भेजी गई 15 बिंदुओं की मांगों में से अधिकांश को ईरान ने स्वीकार कर लिया है।
ट्रंप ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों तरह की बातचीत चल रही है और ये वार्ताएं सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि ईरान ने “सम्मान के संकेत” के रूप में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल ले जाने वाले 20 जहाजों को गुजरने की अनुमति देने पर सहमति जताई है, जो सोमवार से शुरू होकर अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगा।
इस बीच, ईरान द्वारा किए गए ताजा हमलों के बाद खाड़ी क्षेत्र में मिसाइल अलर्ट जारी कर दिए गए। संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत और बहरीन ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए हैं। कुवैत में एक बिजली और जल शोधन संयंत्र पर हुए हमले में एक भारतीय कर्मचारी की मौत हो गई और इमारत को भारी नुकसान पहुंचा।
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इस युद्ध का असर वैश्विक स्तर पर भी देखने को मिल रहा है। तेल, प्राकृतिक गैस और उर्वरकों की आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जबकि हवाई सेवाएं भी बाधित हुई हैं।
अमेरिका ने ईरान को 6 अप्रैल तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने की समयसीमा दी है। इस संघर्ष में अब तक 3,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
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