अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर नौसैनिक नाकेबंदी के आदेश के बाद ईरान ने कड़ी चेतावनी जारी की है।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर उसका पूर्ण नियंत्रण है और किसी भी दुश्मन की कार्रवाई उसे “घातक भंवर” में फंसा देगी। रिपोर्ट ने कहा कि इस मार्ग से गुजरने वाले सभी जहाजों की कड़ी निगरानी की जा रही है।
यह प्रतिक्रिया उस समय आई जब डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिकी नौसेना होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही पर तुरंत रोक लगाएगी। यह कदम ईरान के साथ परमाणु मुद्दे पर वार्ता विफल होने के बाद उठाया गया।
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ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी नौसेना अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में उन सभी जहाजों की जांच करेगी, जिन्होंने ईरान को शुल्क दिया है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि “कोई भी अवैध शुल्क देने वाला सुरक्षित नहीं रहेगा।” ट्रंप ने यह भी दावा किया कि इस कार्रवाई में अन्य देश भी अमेरिका का साथ देंगे।
उन्होंने बताया कि इस्लामाबाद में हुई वार्ता में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर शामिल थे। ट्रंप के अनुसार, कई मुद्दों पर सहमति बनी, लेकिन परमाणु हथियार का मुद्दा सबसे बड़ा विवाद बना रहा।
इस संघर्ष का प्रभाव बेहद गंभीर रहा है। 28 फरवरी से जारी संघर्ष में ईरान में करीब 3,000 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लेबनान और इज़राइल में भी कई लोग मारे गए हैं। साथ ही, होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर तनाव के कारण वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे ऊर्जा कीमतों में भारी उछाल आया है।
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