पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारिजानी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान अपने सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की हत्या का बदला जरूर लेगा।
एक साक्षात्कार में लारिजानी ने कहा कि 28 फरवरी को हुए हमले में खामेनेई की मौत के लिए ट्रंप जिम्मेदार हैं और इसके लिए उन्हें “कीमत चुकानी पड़ेगी।” उन्होंने कहा कि ईरान तब तक शांत नहीं बैठेगा जब तक वह इस हमले का जवाब नहीं दे देता।
लारिजानी ने आरोप लगाया कि ट्रंप ने यह समझने में गलती की कि हमले के बाद ईरान जल्दी कमजोर हो जाएगा। उन्होंने कहा, “हम उसे अकेला नहीं छोड़ेंगे। जो उसने किया है, उसके लिए उसे कीमत चुकानी होगी।” लारिजानी के अनुसार जारी संघर्ष में अब तक एक हजार से अधिक ईरानी नागरिकों और सैनिकों की मौत हो चुकी है।
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हालांकि ट्रंप ने इस धमकी को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें यह भी नहीं पता कि लारिजानी कौन हैं। एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, “मुझे नहीं पता वह क्या कह रहे हैं और वह कौन हैं। मुझे इसकी कोई परवाह नहीं है।” उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी और ईरान को बिना शर्त आत्मसमर्पण करना चाहिए।
इसी बीच मसूद पेज़ेश्कियन ने खाड़ी देशों से माफी मांगते हुए कहा कि युद्ध की शुरुआत के बाद जो जवाबी हमले किए गए, उनका उद्देश्य पड़ोसी देशों को निशाना बनाना नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान ने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को ही लक्ष्य बनाया।
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