मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच इजरायल ने बड़ा सैन्य अभियान चलाते हुए हिज़्बुल्लाह के वरिष्ठ कमांडर हसन मोहम्मद बशीर को मार गिराने का दावा किया है। इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने बताया कि बशीर हिज़्बुल्लाह के एंटी-टैंक नेटवर्क में अहम भूमिका निभा रहा था और उसने इजरायली सैनिकों व नागरिकों के खिलाफ कई हमलों की योजना बनाई थी।
रिपोर्ट के अनुसार, हसन मोहम्मद बशीर दक्षिणी लेबनान के हाजिर क्षेत्र में सक्रिय था और हाल ही में लितानी नदी के उत्तर में एंटी-टैंक इकाइयों के साथ मिलकर काम कर रहा था। यह इलाका रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
आईडीएफ ने दावा किया कि बशीर ने सैकड़ों हमलों को अंजाम देने में भूमिका निभाई और कई आतंकी सेल का नेतृत्व किया।
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इसके अलावा, इजरायल ने ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की नौसेना के शीर्ष नेतृत्व को भी निशाना बनाया। आईडीएफ ने पुष्टि की कि बंदर अब्बास में किए गए हवाई हमले में आईआरजीसी नौसेना प्रमुख अली रजा तंगसिरी को मार गिराया गया।
आईडीएफ के मुताबिक, अली रजा तंगसिरी पिछले आठ वर्षों से इस पद पर थे और खाड़ी क्षेत्र में ईरानी सैन्य गतिविधियों के समन्वय के साथ-साथ समुद्री आतंक गतिविधियों की निगरानी कर रहे थे। उन पर होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने और वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने के प्रयासों का भी आरोप था।
इस हमले में नौसेना की खुफिया शाखा के प्रमुख हनाम रेज़ाई भी मारे गए। उन्हें समुद्री खुफिया मामलों का विशेषज्ञ माना जाता था।
आईडीएफ ने बताया कि इस कार्रवाई के दौरान हिज़्बुल्लाह के 350 ठिकानों को नष्ट किया गया और 330 से अधिक आतंकियों को मार गिराया गया, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
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