जन विश्वास (संशोधन प्रावधान) विधेयक 2026 को संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित कर दिया गया है। यह विधेयक देश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य छोटे-मोटे उल्लंघनों को अपराध की श्रेणी से बाहर करना और अनुपालन प्रक्रियाओं को सरल बनाना है। इससे व्यवसाय करने वाले लोगों को अनावश्यक कानूनी परेशानियों से राहत मिलेगी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं अधिक पारदर्शी बनेंगी।
सरकार का मानना है कि कई पुराने कानूनों में ऐसे प्रावधान थे, जिनमें मामूली गलतियों के लिए भी कड़ी सजा का प्रावधान था। इस विधेयक के माध्यम से ऐसे प्रावधानों को संशोधित कर उन्हें अधिक व्यावहारिक और व्यवसाय के अनुकूल बनाया गया है।
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जन विश्वास विधेयक के लागू होने से उद्योगों और व्यापारियों को फायदा होगा, क्योंकि अब उन्हें छोटी-छोटी प्रक्रियात्मक त्रुटियों के लिए आपराधिक मुकदमों का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके स्थान पर आर्थिक दंड या प्रशासनिक कार्रवाई जैसे विकल्प अपनाए जाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस विधेयक से निवेश को बढ़ावा मिलेगा और देश में व्यावसायिक माहौल बेहतर होगा। साथ ही, यह कदम सरकारी प्रक्रियाओं को सरल और प्रभावी बनाने में भी मदद करेगा।
सरकार ने इसे एक सुधारात्मक कदम बताते हुए कहा है कि इससे न केवल व्यवसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आम नागरिकों के जीवन को भी आसान बनाया जा सकेगा।
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