झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग करते हुए राज्य सरकार को 18 अगस्त तक का अल्टीमेटम दिया है। छात्र संगठनों ने घोषणा की है कि रविवार, 16 अगस्त को राज्य के सभी 24 जिलों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुतले जलाए जाएंगे। इसके बाद 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की चेतावनी दी गई है।
इससे पहले झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने भी कहा था कि यदि हेमंत सोरेन सरकार एक सप्ताह के भीतर भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की सिफारिश नहीं करती है, तो वह आमरण अनशन शुरू करेंगे। जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच के बैनर तले छात्रों का आंदोलन अब 19वें दिन में पहुंच गया है।
छात्रों का आंदोलन 25 जुलाई से जारी है। उनकी प्रमुख मांगों में वर्ष 2019 के बाद आयोजित सभी जेएसएससी सीजीएल, जेएसएससी जेई और पीजीटी परीक्षाओं को रद्द करना, कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच और दोषी माफिया व एजेंसियों पर कड़ी कार्रवाई शामिल है। छात्र श्रेणीवार कटऑफ, ओएमआर शीट और रिस्पॉन्स शीट सार्वजनिक करने की भी मांग कर रहे हैं।
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रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छह प्रदर्शनकारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। छात्र यूपीएससी और एसएससी की तर्ज पर नियमित भर्ती कैलेंडर चाहते हैं।
10 अगस्त को विधानसभा घेराव मार्च के दौरान पुलिस ने आंसू गैस के गोले और पानी की बौछार का इस्तेमाल किया था तथा लाठीचार्ज भी किया था। इससे पहले 9 अगस्त को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने राज्य सरकार की सिफारिश के बाद जेपीएससी के तीन सदस्यों के इस्तीफे स्वीकार किए थे।
सरकार ने छात्रों से बातचीत के बाद भर्ती अनियमितताओं से निपटने के लिए बहुस्तरीय कार्ययोजना घोषित की है। इसमें 14वीं जेपीएससी और 2023-25 बैकलॉग भर्तियों की सीआईडी जांच, संदिग्ध वित्तीय अनियमितताओं की ईडी जांच, फास्ट-ट्रैक कोर्ट और भर्ती सुधारों के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करना शामिल है।
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