सज्जन जिंदल के नेतृत्व वाला जेएसडब्ल्यू ग्रुप भारत के ऑटोमोबाइल क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। इसी रणनीति के तहत समूह चीन की एसएआईसी मोटर के साथ अपने संयुक्त उपक्रम जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया में हिस्सेदारी बढ़ाने को लेकर बातचीत कर रहा है।
जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया के निदेशक पार्थ जिंदल ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दोनों कंपनियों के बीच इस मुद्दे पर चर्चा चल रही है और फिलहाल यह मामला शेयरधारकों के स्तर पर विचाराधीन है।
पार्थ जिंदल ने हिस्सेदारी बढ़ाने के संभावित प्रतिशत के बारे में जानकारी देने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि इस समय इस विषय पर बातचीत जारी है, इसलिए अभी यह बताना उचित नहीं होगा कि जेएसडब्ल्यू ग्रुप कितनी अतिरिक्त हिस्सेदारी हासिल कर सकता है।
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वाहन उत्पादन क्षमता दोगुनी करने की तैयारी
जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया भारतीय बाजार में अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर भी बड़ा निवेश कर रही है। कंपनी करीब 3,500 करोड़ रुपये का निवेश कर अपनी वार्षिक उत्पादन क्षमता को दोगुना करने की योजना बना रही है।
इस विस्तार के बाद कंपनी की सालाना वाहन उत्पादन क्षमता करीब 2.20 लाख वाहनों तक पहुंचने की उम्मीद है। बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनी भारत में अपने परिचालन और उत्पादन क्षमता को मजबूत करना चाहती है।
जेएसडब्ल्यू ग्रुप और एसएआईसी मोटर के बीच संयुक्त उपक्रम के जरिए एमजी ब्रांड भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में इलेक्ट्रिक और अन्य वाहनों के क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।
हिस्सेदारी बढ़ाने की संभावित योजना को जेएसडब्ल्यू ग्रुप की भारतीय वाहन बाजार में दीर्घकालिक विस्तार रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, अंतिम हिस्सेदारी और समझौते की शर्तों को लेकर अभी दोनों पक्षों की बातचीत जारी है।
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