भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व आईपीएस अधिकारी के. अन्नामलाई को लेकर राजनीतिक हलकों में अटकलें तेज हो गई हैं। उनके भविष्य को लेकर चर्चा तब और बढ़ गई जब उन्होंने सोशल मीडिया पर केंद्र सरकार की तीन-भाषा नीति के खिलाफ सार्वजनिक रूप से असहमति जताई।
सूत्रों के अनुसार, अन्नामलाई ने भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात का समय मांगा है। माना जा रहा है कि यह बैठक उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर निर्णायक साबित हो सकती है और संभव है कि 3 जून तक कोई बड़ा फैसला सामने आए।
पार्टी के भीतर असंतोष की खबरों को और बल तब मिला जब अन्नामलाई ने पिछले कुछ दिनों से चल रही अटकलों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। आमतौर पर सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले अन्नामलाई की चुप्पी ने राजनीतिक विश्लेषकों को और अधिक सोचने पर मजबूर कर दिया है।
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रिपोर्ट के अनुसार अन्नामलाई जल्द ही अपना नया राजनीतिक संगठन शुरू कर सकते हैं, जिसका नाम संभावित रूप से “मक्कल शक्ति इयक्कम” हो सकता है। हालांकि, इस पर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अन्नामलाई 2021 से 2025 तक तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष रहे हैं और इस दौरान उन्हें राज्य में पार्टी का चेहरा बनाने का श्रेय दिया जाता है। उन्होंने भाजपा की जमीनी पकड़ मजबूत करने और दक्षिण भारत में पार्टी की उपस्थिति बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।
सूत्रों के अनुसार, वे भाजपा और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कज़गम (AIADMK) के बीच गठबंधन से भी असंतुष्ट बताए जा रहे हैं। समर्थकों का कहना है कि चुनावी अभियान के दौरान उन्हें अपेक्षित भूमिका नहीं दी गई, जिससे वे नाराज थे।
अब सभी की निगाहें 3 जून पर टिकी हैं, जब अन्नामलाई का अगला कदम तमिलनाडु की राजनीति की दिशा बदल सकता है।
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