देश में प्याज की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। महाराष्ट्र के नासिक से करीब 800 मीट्रिक टन प्याज लेकर ‘कांदा एक्सप्रेस’ मंगलवार को दिल्ली पहुंचेगी। सरकार का उद्देश्य बाजार में प्याज की आपूर्ति बढ़ाकर कीमतों में आई मौसमी तेजी को नियंत्रित करना है।
24 अगस्त को देश में प्याज की औसत खुदरा कीमत बढ़कर 43.53 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 27.37 रुपये प्रति किलोग्राम थी। यानी सालाना आधार पर कीमतों में करीब 59 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। सोमवार को कुछ बाजारों में अच्छी गुणवत्ता वाला प्याज 50 रुपये प्रति किलोग्राम तक बिका।
उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे के अनुसार, सरकार बड़े पैमाने पर प्याज का परिवहन समर्पित रेलवे रैक के माध्यम से कर रही है। इससे प्रमुख खपत वाले केंद्रों में आपूर्ति बढ़ाने और कीमतों पर नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी।
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केंद्रीय एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक, बफर स्टॉक में रखा लगभग 800 मीट्रिक टन प्याज मंगलवार को रेल के जरिए नासिक से दिल्ली भेजा जा रहा है। अन्य चिन्हित शहरों में भी कांदा एक्सप्रेस के रैक बुधवार तक पहुंचने की उम्मीद है।
लासलगांव कृषि उपज बाजार समिति के अधिकारियों के मुताबिक, पिछले तीन-चार सप्ताह में प्याज की आवक करीब 15,000 क्विंटल से घटकर 9,000 क्विंटल रह गई है। आवक घटने को कीमतों में तेजी का एक प्रमुख कारण माना जा रहा है।
2024-25 में शुरू हुई थी कांदा एक्सप्रेस
‘कांदा एक्सप्रेस’ की शुरुआत 2024-25 में बड़े पैमाने पर प्याज परिवहन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए की गई थी। पहले साल 14 रेलवे रैक के जरिए करीब 12,000 टन बफर स्टॉक पांच शहरों में भेजा गया था।
वहीं, 2025-26 में यह अभियान काफी बढ़ा और 86 रैक के जरिए लगभग 88,000 टन प्याज देश के 16 प्रमुख शहरों तक पहुंचाया गया।
सरकार के पास चालू वर्ष के लिए करीब 1.21 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक है। जरूरत पड़ने पर इसे थोक और खुदरा बाजारों में नियंत्रित तरीके से जारी किया जाएगा। सरकार कीमतों और बाजार में प्याज की आवक पर लगातार नजर बनाए हुए है।
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