कर्नाटक के उपचुनाव 2026 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए दोनों प्रमुख विधानसभा सीटें—बागलकोट और दावणगेरे साउथ—अपने पास बरकरार रखी हैं। इन सीटों पर हुए उपचुनाव में कर्नाटक की राजनीति में कड़ा मुकाबला देखने को मिला, जिसमें कई बड़े नेता प्रचार में सक्रिय रहे।
बागलकोट सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार उमेश हुल्लप्पा मेटी ने 98,919 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार वीरभद्रय्या (वीरन्ना) चरंतिमठ को 22,332 वोटों के अंतर से हराया। भाजपा उम्मीदवार को 76,587 वोट मिले।
वहीं दावणगेरे साउथ सीट पर मुकाबला अपेक्षाकृत कड़ा रहा, जहां कांग्रेस के समर्थ मल्लिकार्जुन ने जीत दर्ज की, हालांकि यह मुकाबला काफी संघर्षपूर्ण रहा।
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इन उपचुनावों में राज्य के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस, भाजपा तथा जनता दल (सेक्युलर) (जेडी(एस)) के कई वरिष्ठ नेताओं ने सक्रिय रूप से प्रचार किया। इससे चुनावी माहौल बेहद गर्म हो गया था।
कांग्रेस की इस जीत को पार्टी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह ऐसे समय में आई है जब राज्य में राजनीतिक प्रतिस्पर्धा तेज है। पार्टी नेताओं ने इसे जनता के भरोसे और विकास नीतियों की जीत बताया है।
वहीं भाजपा और जेडी(एस) ने परिणामों की समीक्षा की बात कही है। उपचुनाव के ये नतीजे कर्नाटक की आने वाली राजनीतिक दिशा पर भी असर डाल सकते हैं।
कुल मिलाकर, कांग्रेस ने इन दोनों सीटों पर अपनी पकड़ मजबूत रखते हुए राज्य में अपनी स्थिति को और सुदृढ़ किया है।
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