जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने मंगलवार, 17 मार्च को पार्टी से इस्तीफा दे दिया। यह कदम नीतीश कुमार के राज्यसभा चुनाव में जीत के एक दिन बाद आया, जिसने राजनीतिक गलियारों में चर्चा और अटकलें बढ़ा दी हैं। इस्तीफे के बाद सवाल उठ रहे हैं कि त्यागी अब किसी दूसरी पार्टी में शामिल होंगे या खुद नई राजनीतिक पहल करेंगे।
सूत्रों के अनुसार, केसी त्यागी अब उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय होना चाहते हैं और आने वाले दिनों में किसी नई पार्टी से जुड़ने की संभावना है।
त्यागी ने पत्र के माध्यम से बताया कि उन्होंने हालिया सदस्यता अभियान के बाद अपनी जेडीयू सदस्यता नवीनीकृत नहीं की है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसानों, समाज के वंचित और हाशिए पर रहने वाले वर्गों के कल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता अडिग है।
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केसी त्यागी ने पार्टी की उत्पत्ति को याद करते हुए कहा कि जेडीयू 30 अक्टूबर 2003 को समता पार्टी और जनता दल के विलय से जॉर्ज फर्नांडीज के नेतृत्व में बनी थी। उन्होंने शरद यादव और नीतीश कुमार के साथ लंबे समय तक संगठनात्मक भूमिकाओं में काम करने का अनुभव साझा किया।
त्यागी ने अपनी भविष्य की योजना के बारे में कहा कि 22 मार्च, 2026 को मावलंकर हॉल, दिल्ली में राजनीतिक सहयोगियों और समर्थकों की एक बैठक आयोजित की गई है, जिसमें देश की वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इस बैठक के बाद उनका आगे का कदम तय होगा।
केसी त्यागी, जिनका जन्म गाज़ियाबाद में हुआ था, 1970 के दशक से सक्रिय राजनीति में रहे हैं। वे 1989 में हापुड़ लोकसभा सीट से सांसद चुने गए थे और बाद में जेडीयू में राष्ट्रीय महासचिव और प्रवक्ता जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया।
उनके इस्तीफे के पीछे सटीक कारण स्पष्ट नहीं हैं, जिससे राजनीतिक हलचल और बढ़ गई है।
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