आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को जंतर-मंतर पहुंचकर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन को समर्थन दिया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार छात्रों और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को नजरअंदाज कर रही है।
केजरीवाल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण देश के लाखों छात्रों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का रवैया अहंकारी है और वह छात्रों की आवाज सुनने के बजाय उसे दबाने की कोशिश कर रही है।
आप नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोनम वांगचुक के "क्रांतिकारी कदमों" से डर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि वांगचुक जिस तरह से पर्यावरण, शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों को उठा रहे हैं, उससे सरकार असहज महसूस कर रही है।
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केजरीवाल ने कहा कि देश में परीक्षा प्रणाली को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं और सरकार को इन समस्याओं का स्थायी समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने केंद्र से अपील की कि वह आंदोलनकारियों के साथ बातचीत करे और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करे।
गौरतलब है कि सोनम वांगचुक जंतर-मंतर पर विभिन्न मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका आंदोलन शिक्षा व्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण और लद्दाख से जुड़े विषयों पर केंद्रित है। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल भी शुरू की है।
केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी छात्रों, युवाओं और जनहित से जुड़े मुद्दों पर हमेशा आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लोकतांत्रिक विरोधों को महत्व नहीं दे रही है।
इस बीच, भाजपा की ओर से केजरीवाल के आरोपों पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है।
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