केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने गुरुवार को मीडिया से अपील की कि वह पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग करते समय संयम और जिम्मेदारी का पालन करे। उन्होंने कहा कि ऐसी खबरों को इस तरह प्रस्तुत किया जाना चाहिए जिससे लोगों में घबराहट या अनावश्यक डर पैदा न हो।
मुख्यमंत्री ने यह बात तिरुवनंतपुरम से राज्य के विभिन्न मीडिया संगठनों के संपादकों के साथ आयोजित एक ऑनलाइन बैठक के दौरान कही। यह बैठक ज़ूम प्लेटफॉर्म के माध्यम से आयोजित की गई थी।
पिनरायी विजयन ने कहा कि पश्चिम एशिया क्षेत्र में बड़ी संख्या में मलयाली प्रवासी काम करते हैं। उनके परिवार केरल में रहते हैं और वहां से आने वाली खबरें सीधे तौर पर इन परिवारों की भावनाओं और मानसिक स्थिति को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए मीडिया को जिम्मेदारी से काम करते हुए ऐसी रिपोर्टिंग करनी चाहिए जो तथ्यात्मक हो, लेकिन लोगों में अनावश्यक डर या भ्रम न पैदा करे।
और पढ़ें: केरल सीएम पिनाराई विजयन ने गल्फ क्षेत्र में संघर्ष पर चिंता जताई, प्रवासियों से सतर्क रहने की अपील
उन्होंने बताया कि खाड़ी देशों में लाखों केरलवासी रोजगार के लिए रहते हैं और उनके परिवार राज्य में बसे हुए हैं। यदि मीडिया में लगातार तनावपूर्ण और सनसनीखेज खबरें दिखाई जाती हैं, तो इससे परिवारों में चिंता और असुरक्षा की भावना बढ़ सकती है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों और खासकर केरलवासियों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। जरूरत पड़ने पर केंद्र सरकार और संबंधित देशों के अधिकारियों के साथ समन्वय करके आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने मीडिया संगठनों से आग्रह किया कि वे जिम्मेदार पत्रकारिता का पालन करें और केवल सत्यापित जानकारी ही प्रसारित करें। विजयन के अनुसार, संकट की स्थिति में मीडिया की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि सही जानकारी लोगों को शांत और जागरूक बनाए रखने में मदद करती है।
राज्य सरकार का कहना है कि यदि स्थिति और गंभीर होती है तो प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा और सहायता के लिए विशेष कदम उठाए जाएंगे।
और पढ़ें: केरल ने ज्वारीय बाढ़ को राज्य-विशिष्ट आपदा घोषित किया