लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने लद्दाख पुलिस (अधीनस्थ) सेवा भर्ती बोर्ड के पुनर्गठन को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य पुलिस भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता और कुशलता सुनिश्चित करना बताया गया है।
उपराज्यपाल के आदेशानुसार, नए बोर्ड में भर्ती की प्रक्रिया को और अधिक मजबूत बनाने के लिए परीक्षा में बायोमेट्रिक्स और सीसीटीवी कैमरों की अनिवार्यता लागू की जाएगी। इसका मकसद उम्मीदवारों की पहचान सुनिश्चित करना और किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी को रोकना है।
इस फैसले के साथ ही बोर्ड की संरचना में बदलाव भी किया गया है, ताकि नियुक्ति प्रक्रियाओं में समय पर निष्पादन और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। अधिकारियों ने कहा कि बोर्ड की गतिविधियों की निगरानी और सुधार के लिए भी नए उपाय लागू किए जाएंगे।
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लद्दाख पुलिस भर्ती बोर्ड का पुनर्गठन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे भविष्य में पुलिस भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी और उत्तरदायी बनेगी। यह कदम प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि सभी भर्ती प्रक्रियाएं जवाबदेह और निष्पक्ष हों।
स्थानीय प्रशासन ने यह भी कहा कि बोर्ड आगामी भर्ती परीक्षाओं के संचालन में इन नई नीतियों को लागू करेगा, जिससे उम्मीदवारों और जनता का विश्वास बढ़ेगा। इस पहल से लद्दाख में पुलिस भर्ती प्रक्रिया में एक नई पारदर्शिता और तकनीकी नियंत्रण स्थापित होगा।
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