नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के तीसरे सप्ताह के अंतिम दिन शुक्रवार को सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 लोकसभा से भी पारित हो गया। इससे पहले सोमवार को राज्यसभा ने इसे मंजूरी दी थी। विधेयक का उद्देश्य एमएसएमई क्षेत्र में भुगतान में होने वाली देरी की समस्या से निपटना और विवाद समाधान प्रक्रिया को सरल बनाना है।
लोकसभा में विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष के सदस्यों ने लगातार हंगामा किया। विपक्षी सांसद 20 जुलाई को प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बयान की मांग कर रहे थे।
दोपहर 12 बजे सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने के बाद केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री ने विधेयक को विचार और पारित करने के लिए पेश किया। भारी शोर-शराबे के बीच विधेयक को मंजूरी दे दी गई।
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विधेयक पारित होने के बाद पीठासीन अधिकारी दिलीप सैकिया ने सदन की कार्यवाही आगे बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन विपक्षी सदस्यों की लगातार नारेबाजी के कारण ऐसा संभव नहीं हो सका। संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने विपक्ष के व्यवहार की आलोचना करते हुए कहा कि अमित शाह सत्र के दौरान नियमित रूप से संसद में मौजूद रहते हैं और देर रात तक सदन में रहते हैं।
इससे पहले सुबह 11 बजे लोकसभा की बैठक शुरू होने पर अध्यक्ष ओम बिरला ने भारत छोड़ो आंदोलन के स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को श्रद्धांजलि दी। आंदोलन की 84वीं वर्षगांठ पर उन्होंने महात्मा गांधी के ऐतिहासिक ‘करो या मरो’ आह्वान को याद किया और इसे राष्ट्रीय एकता, साहस, सत्य तथा अहिंसा का प्रतीक बताया।
राज्यसभा में भी विभिन्न मुद्दों पर विपक्ष के हंगामे के कारण कार्यवाही बाधित रही। यहां छात्रों के नीट संबंधी प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया गया। प्रश्नकाल के दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव कवच ट्रेन सुरक्षा प्रणाली और रेलवे सिग्नलिंग से जुड़े सवाल का जवाब पूरा नहीं कर सके। हंगामा जारी रहने पर राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी।
दोनों सदनों की अगली बैठक सोमवार सुबह 11 बजे होगी।
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