पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर अब भारत की ऊर्जा आपूर्ति और कीमतों पर साफ दिखाई देने लगा है। बुधवार (1 अप्रैल) को कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 195.50 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इससे पहले 1 मार्च को भी 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर पर 114.50 रुपये की वृद्धि हुई थी।
नई दरों के अनुसार, दिल्ली में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 2078.50 रुपये, कोलकाता में 2208 रुपये, मुंबई में 2031 रुपये और चेन्नई में 2246.50 रुपये हो गई है। हालांकि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है और दिल्ली में 14.2 किलोग्राम का सिलेंडर 913 रुपये में मिल रहा है।
ऊर्जा संकट के चलते सरकार ने घरेलू उपयोग को प्राथमिकता देते हुए होटल और रेस्टोरेंट जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए एलपीजी आपूर्ति में कटौती की है। साथ ही, बड़े शहरों में कमर्शियल उपभोक्ताओं को पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) अपनाने की सलाह दी गई है।
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इसी बीच, विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) यानी जेट फ्यूल की कीमतों में भारी उछाल आया है। इसकी कीमत दोगुनी से ज्यादा बढ़कर 2.07 लाख रुपये प्रति किलोलीटर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। यह पहली बार है जब एटीएफ की कीमत 2 लाख रुपये प्रति किलोलीटर से ऊपर गई है।
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिसका सीधा असर भारत पर पड़ा है। यह बढ़ोतरी पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण हुई है, जिससे ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में व्यवधान के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति और बाजार अस्थिर हो गए हैं, जिसका असर आने वाले समय में और बढ़ सकता है।
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