उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार सुबह हल्के भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे लोगों में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.7 मापी गई।
भूकंप सुबह 7:32 बजे आया और इसका केंद्र गोंडा जिले में जमीन से करीब 10 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भूकंप का स्थान 27.36 उत्तर अक्षांश और 82.05 पूर्व देशांतर पर दर्ज किया गया। भूकंप की तीव्रता कम होने के कारण किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं मिली है।
इससे पहले सिक्किम के ग्यालशिंग क्षेत्र में देर रात 4.5 तीव्रता का भूकंप आया था। अचानक आए झटकों से लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए और आफ्टरशॉक की आशंका के चलते कुछ समय तक खुले स्थानों पर रहे।
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विशेषज्ञों के अनुसार, भूकंप पृथ्वी की सतह के नीचे मौजूद टेक्टोनिक प्लेटों की लगातार हलचल के कारण आते हैं। पृथ्वी की सतह सात प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटों से बनी है, जो समय-समय पर आपस में टकराती या खिसकती रहती हैं। जब प्लेटों के बीच घर्षण बढ़ता है, तो ऊर्जा उत्पन्न होती है और अचानक बाहर निकलने पर जमीन हिलने लगती है।
हालांकि हल्के भूकंप सामान्य रूप से ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचाते, लेकिन विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने और आपदा प्रबंधन से जुड़े सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी है।
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