एक पॉक्सो मामले में स्थानीय अदालत ने एक मदरसा शिक्षक को 11 वर्षीय बालक के साथ यौन शोषण के गंभीर आरोप में दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला वर्ष 2022 का है और बाल संरक्षण कानून के तहत इसे अत्यंत गंभीर अपराध माना गया।
मामले की शुरुआत 23 मार्च 2022 को हुई, जब पीड़ित बच्चे के पिता ने बालापुर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उनका 11 वर्षीय पुत्र नियमित रूप से मदरसा जामिया नूरुल अनवर, जो शाहीन नगर क्षेत्र में स्थित है, में शिक्षा प्राप्त करने जाता था।
शिकायत के अनुसार, मदरसे में पढ़ाने वाले एक शिक्षक ने बच्चे के साथ यौन शोषण किया। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजनों ने तत्काल पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की और संबंधित साक्ष्य एकत्र किए।
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जांच के दौरान पीड़ित बालक का बयान दर्ज किया गया और अन्य महत्वपूर्ण सबूत भी जुटाए गए। पुलिस ने सभी तथ्यों के आधार पर आरोपी शिक्षक के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम (POCSO Act) और संबंधित धाराओं में आरोप पत्र दाखिल किया।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष मजबूत साक्ष्य, गवाहों के बयान और जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की। अदालत ने सभी साक्ष्यों का गहन परीक्षण करने के बाद आरोपी को दोषी पाया।
इसके बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए मदरसा शिक्षक को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय ने कहा कि बच्चों के खिलाफ यौन अपराध समाज के लिए अत्यंत गंभीर चुनौती हैं और ऐसे मामलों में कठोर दंड आवश्यक है ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।
यह फैसला बाल संरक्षण कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और पीड़ित को न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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