महाराष्ट्र में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की सख्त कार्रवाई से खाद्य कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग ने मुंबई के सात प्रतिष्ठानों के खाद्य लाइसेंस निलंबित किए हैं। इनमें कोलाबा का मैकडॉनल्ड्स, बॉम्बे प्रेसिडेंसी रेडियो क्लब, मलाड का नोवारा, नरीमन पॉइंट का स्टेटस रेस्टोरेंट और खार जिमखाना शामिल हैं। इन प्रतिष्ठानों पर खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता नियमों के गंभीर उल्लंघन के आरोप हैं।
19 और 20 अगस्त को महाराष्ट्र FDA ने दूध, डेयरी उत्पादों, प्रतिबंधित गुटखा-पान मसाला और अन्य खाद्य पदार्थों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया। इस दौरान कई जगहों पर तापमान नियंत्रण, सफाई और खाद्य भंडारण से जुड़ी गंभीर कमियां सामने आईं।
जांच में कुछ प्रतिष्ठानों में जिंदा कॉकरोच, पर्याप्त कीट नियंत्रण व्यवस्था का अभाव और किचन में सड़ा हुआ खाद्य कचरा पाया गया। खाद्य पदार्थों के संपर्क में आने वाली सतहों पर गंदे कपड़ों का इस्तेमाल और बिना उचित विभाजन के खुले पैकेजिंग सामान रखे जाने की शिकायत भी सामने आई। कुछ रेफ्रिजरेशन उपकरणों का कैलिब्रेशन नहीं हुआ था और तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक का अंतर पाया गया।
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FDA ने स्पष्ट किया है कि लाइसेंस निलंबन की अवधि में संबंधित प्रतिष्ठान खाद्य पदार्थों का उत्पादन, बिक्री या वितरण नहीं कर सकते। नियमों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्कूलों में भी बदला खान-पान
FDA ने महाराष्ट्र के स्कूलों में अधिक वसा, चीनी और नमक वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री पर भी सख्ती की है। स्कूल परिसरों और उनके 50 मीटर के दायरे में चिप्स, चॉकलेट और कोल्ड ड्रिंक जैसे उत्पादों पर रोक के निर्देश दिए गए हैं। कुछ स्कूलों ने कैंटीन के मेन्यू में वड़ा पाव और समोसे की जगह इडली, डोसा, पोहा, शीरा और उपमा शामिल किए हैं। गैस वाले पेय की जगह छाछ को बढ़ावा दिया जा रहा है।
कौन हैं तुकाराम मुंडे?
FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे अपनी सख्त प्रशासनिक कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 20 हासिल की थी। दो दशक से अधिक के करियर में उनका कई बार तबादला हुआ है, जिसके कारण उन्हें लोकप्रिय रूप से ‘सिंघम’ भी कहा जाता है।
सोलापुर में जल संरक्षण के क्षेत्र में उनके कार्यों की काफी चर्चा हुई थी। उनके प्रशासनिक प्रयासों से कई गांवों को टैंकर पर निर्भरता से राहत मिली थी। वर्ष 2016 में उन्हें महाराष्ट्र सरकार के ‘बेस्ट कलेक्टर अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया था।
अब FDA प्रमुख के तौर पर मुंडे खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की नीति अपना रहे हैं। उनका कहना है कि नियमों का पालन करने वाले कारोबारियों को डरने की जरूरत नहीं है, लेकिन नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
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