महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट पर प्रभावी रोक लगाने के लिए एक व्यापक पहल की है। महाराष्ट्र एफडीए के आयुक्त तुकाराम मुंडे ने गुरुवार को बताया कि धार्मिक और सांस्कृतिक त्योहारों के दौरान खाद्य मिलावट रोकने के उद्देश्य से सालभर प्रभावी रहने वाला एक स्थायी आदेश तैयार किया गया है।
तुकाराम मुंडे के अनुसार, देशभर में अलग-अलग समय पर धार्मिक और सांस्कृतिक त्योहार मनाए जाते हैं। इन अवसरों पर खाद्य पदार्थों की मांग तेजी से बढ़ जाती है और इसी दौरान मिलावट की शिकायतें भी सामने आती हैं। ऐसे में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती बन जाता है।
उन्होंने बताया कि स्थायी आदेश का उद्देश्य केवल किसी एक त्योहार या सीमित अवधि के दौरान कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि पूरे वर्ष खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर निगरानी बनाए रखना है। इसके तहत त्योहारों से पहले और उनके दौरान खाद्य पदार्थों की जांच, नमूने लेने तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई पर जोर दिया जाएगा।
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मिलावट पर सख्ती की तैयारी
एफडीए का लक्ष्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है। त्योहारों के दौरान मिठाइयों, दूध और दुग्ध उत्पादों, खाद्य तेलों तथा अन्य मांग वाले खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका बढ़ जाती है।
तुकाराम मुंडे ने कहा कि व्यापक स्थायी आदेश से खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को लगातार निगरानी और कार्रवाई के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश मिलेंगे। इससे मिलावट करने वालों पर शिकंजा कसने और लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा में मदद मिलेगी।
एफडीए की इस पहल का उद्देश्य त्योहारों के दौरान ही नहीं, बल्कि पूरे साल खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है।
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