पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को राज्य के चुनावी रजिस्टर से 63.66 लाख नामों के हटाए जाने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने इसे 'EC-BJP साजिश' करार दिया और कहा कि यह कदम 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) को फायदा पहुंचाने के लिए उठाया गया है।
ममता बनर्जी ने 28 फरवरी को प्रकाशित अंतिम पोस्ट-एसआईआर (SIR) चुनावी सूची पर अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा, “यह नाम हटाने की प्रक्रिया जानबूझकर और अमानवीय है।” उन्होंने आरोप लगाया कि इस कदम के पीछे BJP का उद्देश्य यह है कि वह चुनावों में अपनी ताकत पर जीत नहीं हासिल कर सकती, इसलिए वह इस तरह के उपायों का सहारा ले रही है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वह अपनी विधानसभा सीट भवानीपुर से चुनाव जीतेंगी, चाहे नामों का हटाना हो या न हो। ममता ने इसे लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश करार दिया और कहा कि वह इसे हर हाल में चुनौती देंगी।
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इसके अलावा, ममता ने चुनाव आयोग (EC) पर भी सवाल उठाया और इसे भाजपा की मदद करने वाली एक संस्था के रूप में आरोपित किया। उन्होंने कहा कि राज्य के असली मतदाताओं को जानबूझकर बाहर किया गया, जो लोकतंत्र पर हमला है।
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