मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में हुए दर्दनाक बम हमले की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दी गई है। इस हमले में दो मासूम बच्चों की मौत हो गई थी, जिससे पूरे राज्य में आक्रोश फैल गया है। मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने इम्फाल में इस फैसले की घोषणा की और घटना की कड़ी निंदा की।
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह निर्णय गृह मंत्री और अन्य विधायकों के साथ उच्चस्तरीय बैठक के बाद लिया गया है। उन्होंने कहा कि हमलावरों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है, लेकिन उन्हें जल्द पकड़ने के लिए व्यापक तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
राज्य में पुलिस, असम राइफल्स और सीआरपीएफ के जवानों को सर्च ऑपरेशन में लगाया गया है। इसके अलावा हेलीकॉप्टरों की भी मदद ली जा रही है। मुख्यमंत्री ने लोगों से शांति बनाए रखने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।
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इस घटना के बाद गुस्साए लोगों ने जेलमोल स्थित सीआरपीएफ कैंप की ओर मार्च किया और वहां तोड़फोड़ व आगजनी की। गृह मंत्री गोविंदस कोंथौजाम ने बताया कि प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की गई, ताकि सुरक्षा बल हमलावरों की तलाश पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
बढ़ते तनाव को देखते हुए सरकार ने इम्फाल ईस्ट, इम्फाल वेस्ट, बिष्णुपुर और काकचिंग जिलों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया है। साथ ही इम्फाल ईस्ट, इम्फाल वेस्ट, थौबल, काकचिंग और बिष्णुपुर में इंटरनेट और मोबाइल डेटा सेवाएं तीन दिनों के लिए बंद कर दी गई हैं।
सरकार का कहना है कि यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अफवाहों को रोकने के लिए उठाया गया है।
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