ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी ने मुसलमानों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर गाली-गलौज से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अब मुसलमानों को नकारात्मक राजनीति से बाहर निकलकर सकारात्मक सोच के साथ अपने और अपने परिवार के भविष्य पर ध्यान देना चाहिए।
The Indian Witness के अनुसार मौलाना रजवी ने कहा कि पिछले कई वर्षों से मुसलमानों के बीच प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी की नकारात्मक चर्चा आम हो गई है। उन्होंने कहा कि 2017 से मुसलमान भाजपा के विरोध की राजनीति करते आ रहे हैं, लेकिन अब इस सोच में बदलाव की जरूरत है।
मौलाना ने समाजवादी पार्टी और अन्य कथित धर्मनिरपेक्ष दलों पर मुसलमानों को राजनीतिक रूप से इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इन दलों के कहने और उकसाने पर मुसलमान भाजपा के खिलाफ लामबंद होते रहे, जिसका राजनीतिक फायदा दूसरी पार्टियों को मिला, जबकि मुसलमान विकास की दौड़ में पीछे रह गए।
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उन्होंने आरोप लगाया कि यदि कोई मुस्लिम परिवार अपने बेटे या बेटी की शादी में भाजपा के किसी मंत्री या विधायक को आमंत्रित करता है तो कुछ राजनीतिक नेता उसका विरोध और बहिष्कार तक करने लगते हैं। मौलाना ने समाजवादी पार्टी के पुराने राजनीतिक फैसलों का हवाला देते हुए उसके नेताओं से सवाल भी किए।
रजवी ने कहा कि मुसलमानों को केवल विरोध और प्रदर्शन की राजनीति से नुकसान हुआ है। उनके मुताबिक, कई आंदोलनों में लाठीचार्ज और जेल जैसी कार्रवाई का सामना आम लोगों को करना पड़ा, जबकि राजनीतिक दलों के नेता अपने हित साधते रहे।
उन्होंने मुसलमानों से अपील की कि वे राजनीतिक दलों की रणनीति को समझें और अपने बच्चों की शिक्षा, रोजगार तथा परिवार के बेहतर भविष्य पर ध्यान दें। मौलाना ने कहा कि नकारात्मक राजनीति ने समुदाय के विकास को प्रभावित किया है और अब सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का समय है।
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