कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने स्वच्छता कार्य में मैनुअल हस्तक्षेप को कम करने के लिए मशीनीकरण को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और मशीनों के उपयोग से सफाई कर्मचारियों को जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में काम करने से बचाया जा सकता है।
नई दिल्ली में राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए अर्जुन राम मेघवाल ने सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा और कल्याण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण, उचित प्रशिक्षण, स्वास्थ्य बीमा और कार्यों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कार्य के दौरान दुर्घटना का शिकार होने वाले सफाई कर्मचारियों को समय पर उचित मुआवजा मिलना आवश्यक है। उन्होंने विशेष रूप से निजी प्रतिष्ठानों में कार्यरत सफाई कर्मचारियों के लिए भी दुर्घटना की स्थिति में मुआवजे की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई।
और पढ़ें: कल्याणपुरी में सफाई कर्मचारी की चाकू से हत्या, गुस्साए कर्मियों ने काम रोका
मेघवाल ने सफाई कर्मचारियों के लिए बीमा और मुआवजे से संबंधित विभिन्न सरकारी योजनाओं को एक समन्वित ढांचे के अंतर्गत लाने पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि अलग-अलग योजनाओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर सफाई कर्मचारियों और उनके परिवारों को अधिक प्रभावी सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जा सकती है।
इस अवसर पर उन्होंने वर्ष 1857 के विद्रोह से जुड़े वाल्मीकि समाज के नायक गंगू बाबा को समर्पित एक बड़े राष्ट्रीय स्मारक के विकास के लिए प्रयास करने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि भारतीय इतिहास में वाल्मीकि समाज के उन कम चर्चित नायकों और उनके योगदान को भी सामने लाने की जरूरत है, जिन्हें अब तक पर्याप्त पहचान नहीं मिल सकी है।
और पढ़ें: ‘मिशन जीरो’ कार्यशाला में स्वच्छता कार्य के दौरान होने वाली मौतों को खत्म करने पर जोर