पश्चिम एशिया में तनाव और संघर्ष जारी है। इस बीच, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को ईरान के समर्थन में बयान दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल ईरान के हाथों हार का सामना करेंगे और उनके सैनिक वहां से भागने को मजबूर होंगे।
महबूबा मुफ्ती ने अपने बयान में इस बात पर जोर दिया कि ईरान की सैन्य ताकत और रणनीति के सामने अमेरिका और इजरायल की ताकत कम पड़ जाएगी। उन्होंने कहा कि ईरान ने हमेशा अपनी क्षेत्रीय सुरक्षा और सार्वभौमिक अधिकारों की रक्षा के लिए दृढ़ता दिखाई है।
पीडीपी अध्यक्ष ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी अपील की कि वे ईरान और पश्चिम एशिया में शांति स्थापना के प्रयासों का समर्थन करें। महबूबा मुफ्ती का यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में संघर्ष बढ़ रहा है और वैश्विक राजनीति में गंभीर तनाव देखने को मिल रहा है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि महबूबा मुफ्ती का यह बयान राजनीतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह भारत में और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके दृष्टिकोण और क्षेत्रीय नीतियों को रेखांकित करता है। उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध और हिंसा का अंत तभी संभव है जब सभी पक्ष संवाद और कूटनीति के माध्यम से समाधान खोजें।
महबूबा मुफ्ती का यह स्पष्ट समर्थन ईरान के प्रति उनके राजनीतिक रुख और क्षेत्रीय सुरक्षा मामलों में उनकी सक्रियता को दर्शाता है। इस बयान के बाद राजनीतिक और कूटनीतिक विश्लेषक पश्चिम एशिया में अमेरिका और इजरायल की भूमिका पर नई बहस कर रहे हैं।
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