फेसबुक की मूल कंपनी मेटा ने अपनी नवीनतम तिमाही वित्तीय रिपोर्ट में बाजार की अपेक्षाओं से कम मुनाफा दर्ज किया है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में भारी निवेश जारी रहेगा, भले ही इसका असर फिलहाल उसके मुनाफे पर पड़ रहा हो।
कंपनी के अनुसार, एआई तकनीक में बढ़त बनाए रखने के लिए बड़े पैमाने पर किए जा रहे निवेश, कानूनी मामलों से जुड़े खर्च और कर्मचारियों को दिए गए सेवरेंस पैकेज (सेवा समाप्ति भुगतान) के कारण उसकी आय पर दबाव पड़ा है। इन कारणों से कंपनी का शुद्ध लाभ पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 14 प्रतिशत घटकर 15.8 अरब डॉलर रह गया।
मेटा ने यह भी बताया कि एआई इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर और अत्याधुनिक कंप्यूटिंग क्षमता विकसित करने पर लगातार खर्च किया जा रहा है। कंपनी का मानना है कि भविष्य में एआई ही उसके उत्पादों और सेवाओं की सबसे बड़ी ताकत बनेगा, इसलिए निवेश में कोई कमी नहीं की जाएगी।
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रिपोर्ट के अनुसार, मेटा के मुक्त नकदी प्रवाह (फ्री कैश फ्लो) में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। यह घटकर 784 मिलियन डॉलर रह गया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 8.5 अरब डॉलर था। किसी बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनी के लिए नकदी भंडार में इस तरह की कमी असामान्य मानी जा रही है।
विश्लेषकों का कहना है कि दुनिया की प्रमुख टेक कंपनियों के बीच एआई की दौड़ लगातार तेज हो रही है। ऐसे में मेटा भी प्रतिस्पर्धा में आगे रहने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है। हालांकि, इसका अल्पकालिक असर कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर दिखाई दे रहा है।
इसके बावजूद मेटा ने संकेत दिया है कि वह अपनी एआई रणनीति में कोई बदलाव नहीं करेगी और आने वाले समय में भी इस क्षेत्र में निवेश जारी रखेगी। कंपनी का मानना है कि दीर्घकाल में यह निवेश उसकी आय और तकनीकी क्षमता को मजबूत करेगा।
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